(How to Be Confident with People – Practical Guide)
लेखक: Abhik Parth
स्वागत है आपका मेरे ब्लॉग Abhik Parth पर 🙏
क्या आप लोगों से बात करते समय घबरा जाते हैं?
क्या नए लोगों से मिलने पर confidence कम हो जाता है?
या फिर आप सोचते हैं – “लोग मेरे बारे में क्या सोचेंगे?”
अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं।
आज के समय में आत्मविश्वास की कमी बहुत से लोगों की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है।
इस ब्लॉग में आप सीखेंगे लोगों के साथ confident रहने के practical और real-life तरीके, जिन्हें आप आज से ही अपनाना शुरू कर सकते हैं।
आत्मविश्वास क्या है? (What is Confidence?)
आत्मविश्वास का मतलब यह नहीं कि आप सबसे बेहतर हों।
👉 आत्मविश्वास का मतलब है खुद पर भरोसा होना।
- अपनी बात रखने की हिम्मत
- गलती होने पर खुद को माफ़ करना
- दूसरों की राय से डरना नहीं
1️⃣ खुद को Accept करना सीखिए
सबसे पहले यह मानिए कि कोई भी perfect नहीं होता।
Practical Example:
अगर आपकी English कमजोर है, तो खुद को कोसने के बजाय सोचिए:
👉 “मैं सीख रहा हूँ, और धीरे-धीरे बेहतर हो जाऊँगा।”
जब आप खुद को accept करते हैं, तब ही confidence बढ़ता है।
2️⃣ Eye Contact बनाना शुरू करें
लोगों से बात करते समय नज़र मिलाना बहुत ज़रूरी है।
Practical Example:
- सामने वाले की आँखों में 3–5 सेकंड देखें
- घूरें नहीं, लेकिन नज़र भी न चुराएँ
👉 Eye contact यह दिखाता है कि आप confident हैं।
3️⃣ Body Language सुधारिए
आपका शरीर आपकी भाषा से पहले बोलता है।
Confident Body Language:
- सीधे खड़े हों
- कंधे पीछे रखें
- धीरे और साफ़ चलें
Practical Example:
जब भी किसी से मिलने जाएँ, मोबाइल जेब में रखें और सीधे खड़े होकर बात करें।
4️⃣ छोटी बातचीत (Small Talk) की Practice करें
हर conversation गहरी हो, ज़रूरी नहीं।
Practical Example:
- “आज मौसम अच्छा है”
- “आप यहाँ कब से काम कर रहे हैं?”
👉 Small talk से डर खत्म होता है और confidence बढ़ता है।
5️⃣ Overthinking बंद करें
सबसे बड़ा confidence killer है – Overthinking
👉 सच्चाई:
लोग आपके बारे में उतना नहीं सोचते, जितना आप सोचते हैं।
Practical Exercise:
जब भी डर लगे कि “लोग क्या सोचेंगे”, खुद से पूछिए:
“क्या 6 महीने बाद यह matter करेगा?”
6️⃣ रोज़ खुद से Positive बात करें
आप खुद से क्या बोलते हैं, वही आप बनते हैं।
Daily Affirmations:
- “मैं confident हूँ”
- “मैं लोगों से आसानी से बात कर सकता हूँ”
- “मैं खुद पर भरोसा करता हूँ”
Practical Tip:
सुबह शीशे के सामने 2 मिनट खुद से positive बातें करें।
7️⃣ Comparison करना बंद करें
दूसरों से खुद को compare करना confidence को धीरे-धीरे मार देता है।
👉 याद रखें:
हर इंसान की journey अलग होती है।
Practical Example:
अगर कोई आपसे अच्छा बोलता है, तो jealousy नहीं –
👉 सीखने की mindset रखें।
8️⃣ बोलने से पहले सोचना नहीं, बोलना सीखें
अक्सर हम इसलिए नहीं बोलते क्योंकि सोचते रहते हैं।
Practical Example:
अगर मीटिंग में कोई idea आया है, तो यह मत सोचिए कि perfect है या नहीं –
👉 politely बोल दीजिए।
Confidence बोलने से आता है, सोचने से नहीं।
9️⃣ “NO” कहना सीखिए
हर बात पर हाँ कहना confidence की कमी दिखाता है।
Practical Example:
❌ “ठीक है, कर लूँगा” (जब मन नहीं है)
✅ “अभी संभव नहीं है, बाद में देखते हैं”
👉 Respectful “NO” confidence की निशानी है।
🔟 Practice = Confidence
Confidence कोई gift नहीं है, यह practice से बनता है।
Daily Confidence Challenge:
- 1 नए व्यक्ति से बात करें
- 1 सवाल पूछें
- 1 opinion ज़रूर रखें
छोटे कदम, बड़ा बदलाव।
आम गलतियाँ जो Confidence कम करती हैं
❌ खुद को कम समझना
❌ हर बात पर माफी माँगना
❌ डर के कारण चुप रहना
❌ लोगों की approval पर जीना
Confidence बढ़ाने की Daily Habits
✔ समय पर उठना
✔ साफ़ कपड़े पहनना
✔ रोज़ कुछ नया सीखना
✔ खुद की progress लिखना
निष्कर्ष (Conclusion)
आत्मविश्वास बाहर से नहीं आता,
👉 यह आपके अंदर पहले से मौजूद होता है।
ज़रूरत है तो बस:
- खुद पर भरोसा करने की
- practice करने की
- और डर के बावजूद action लेने की
अगर आप रोज़ थोड़ा-थोड़ा practice करेंगे, तो यकीन मानिए —
लोगों के साथ confident रहना आपकी आदत बन जाएगी।
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✅ Comment में बताएँ – आपकी सबसे बड़ी confidence problem क्या है?
✍️ लेखक: Abhik Parth.

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