नमस्कार दोस्तों! मैं अभिक पार्थ आप सभी प्यारे दोस्तों का अपने ब्लॉग में हार्दिक स्वागत करता हूँ। आज के इस लेख में हम राजनीति (Political) से जुड़े महत्वपूर्ण शब्दों की सरल हिंदी में परिभाषा और अर्थ जानेंगे। राजनीति से जुड़े कई शब्द जैसे लोकतंत्र, संविधान, चुनाव, संसद, अधिकार, शासन आदि हम अक्सर सुनते हैं, लेकिन कई बार इनका सही अर्थ और परिभाषा हमें स्पष्ट रूप से पता नहीं होती। इसी को ध्यान में रखते हुए इस लेख में हमने महत्वपूर्ण राजनीतिक शब्दों की सूची और उनकी आसान परिभाषा प्रस्तुत की है, ताकि छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों और सामान्य पाठकों को राजनीति के मूल शब्दों को समझने में आसानी हो। अगर आप राजनीतिक शब्दों की परिभाषा और उनका सही अर्थ सरल भाषा में जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। 1. अनुभवजन्य विधि/Empirical method :- अनुभवजन्य विधि, वह वैज्ञानिक तरीका , जीसमे ज्ञान य निस्कर्ष सीधे अनूभब अवलोकन ओर प्रयोग के आधार पर प्राप्त किया जाते हैं , न कि केवल सिद्धांत य कल्पना से ” जो हम खुद देख कर , माप कर ओर प्रयोग करके सीखता है , वही अनुभवजन्य विधि/Empirical method हैं | “ 2. चिंतनमूलक पद्धति :- चिंतनमूलक पद्धति, एक ऐसी विचारधारा या पद्धति है जिसमें किसी विषय के बारे में तर्क, कल्पना और अनुमान (hypothesis) के आधार पर निष्कर्ष निकाला जाता है, बिना पूरी तरह से व्यावहारिक प्रमाण के। सरल शब्दों में, जब हम किसी चीज़ को सीधे प्रयोग या अनुभव के बजाय सोच-विचार और अनुमान से समझते हैं, उसे चिंतनमूलक पद्धति कहते हैं। इस चिंतनमूलक पद्धति को अपनाकर भिनं भिंन मान्यतायेँ परस्तुत कर सकता हैं | उदाहरण: भविष्य में शेयर मार्केट कैसा रहेगा, इसका अनुमान लगाना किसी दार्शनिक विषय पर केवल तर्क के आधार पर निष्कर्ष निकालना 2. न्यायपालिका/Judiciary: न्यायपालिका सरकार का वह महत्वपूर्ण अंग है जिसका मुख्य कार्य कानून की व्याख्या करना, न्याय प्रदान करना और संविधान की रक्षा करना होता है। यह सुनिश्चित करती है कि देश में सभी लोग और संस्थाएँ कानून के अनुसार कार्य करें। सरल शब्दों में,न्यायपालिका वह व्यवस्था है जिसके माध्यम से अदालतें (Courts) विवादों का समाधान करती हैं और न्याय प्रदान करती हैं। भारत में न्यायपालिका स्वतंत्र होती है, ताकि वह बिना किसी दबाव के निष्पक्ष रूप से न्याय दे सके। भारत की न्यायपालिका के मुख्य भाग भारत की न्यायपालिका मुख्य रूप से तीन स्तरों में विभाजित है: Supreme Court of India (सुप्रीम कोर्ट) – देश की सबसे बड़ी और सर्वोच्च अदालत। High Courts of India (हाई कोर्ट) – राज्य स्तर की सर्वोच्च अदालत। District Courts of India (जिला अदालत) – जिला स्तर पर न्याय देने वाली अदालतें। न्यायपालिका के मुख्य कार्य कानून की व्याख्या (Interpretation) करना नागरिकों को न्याय प्रदान करना संविधान की रक्षा करना सरकार के कार्यों की संवैधानिक समीक्षा (Judicial Review) करना नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा करना 3. Please follow and like us: